ज्योतिरादित्य सिंधिया की जीवनी (Jyotiraditya Scindia Biography in hindi)

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Jyotiraditya Madhavrao Scindia Biography in hindi
Jyotiraditya Madhavrao Scindia Biography in hindi

ज्योतिरादित्य सिंधिया की जीवनी (Jyotiraditya Madhavrao Scindia Biography in hindi)- ज्योतिरादित्य सिंधिया एक राजनेता हैं और हाल ही में इन्होंने कांग्रेस पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। जिसके बाद ये उम्मीद की जा रही है कि ये जल्द ही बीजेपी पार्टी में शामिल हो सकते हैं। ज्योतिरादित्य सिंधिया एक राजघराने से नाता रखते हैं और आज हम आपको इनकी जीवनी बताने जा रहे हैं।

ज्योतिरादित्य सिंधिया का परिचय 

पूरा नाम (Full Name)

 

ज्योतिरादित्य माधवराव सिंधिया
जन्म (Birth) 1 जनवरी, 1971
जन्म स्थान मुंबई
पेशा (Profession) राजनीति
पार्टी का नाम भारतीय जनता पार्टी (शामिल हो सकते हैं)
पूर्व पार्टी कांग्रेस
धर्म (Religion) हिन्दू
शैक्षिक योग्यता (Educational Qualification) M.A., M.B.A (दून स्कूल, देहरादून, हार्वर्ड यूनिवर्सिटी (U.S.A.) और स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी (ग्रेजुएट स्कूल ऑफ बिजनेस), कैलिफोर्निया (यूएसए) में शिक्षित।
पत्नी का नाम प्रियदर्शनी राजे सिंधिया
पिता का नाम माधवराव सिंधिया
माता का नाम माधवी राव सिधिया
दादा और दादी का नाम माधवराव राजमाता विजयाराजे सिंधिया और जीवाजी राव सिंधिया
16 वीं लोकसभा के लिए फिर से निर्वाचित (4 वां कार्यकाल – मई 2014)

सदस्य, विशेषाधिकार पर समिति (प्रथम सितम्बर 2014 के बाद)

सदस्य, वित्त संबंधी स्थायी समिति

सदस्य, परामर्शदात्री समिति, गृह मंत्रालय

ऊर्जा मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) (28 अक्टूबर 2012 – 25 मई 2014)

गुना के लिए भारतीय संसद के सदस्य (मान लिया गया कार्यालय- 2002)

 

ज्योतिरादित्य सिंधिया की जीवनी (Jyotiraditya Madhavrao Scindia Biography in hindi)-

ज्योतिरादित्य सिंधिया का जन्म साल 1971 में माधवराव सिंधिया के यहां हुआ था। जो कि ग्वालियर के राजा थे। इनके पिता और माता भी राजनीति से जुड़े हुए थे। इनकी पिता माधवराव सिंधिया कांग्रेस पार्टी के साथ जुड़े हुए थे और इन्होंने कई महत्वपूर्ण पदों पर अपनी सेवाएं दी थी। माधवराव सिंधिया ने कांग्रेस पार्टी में शामिल होने से पहले जनसंघ पार्टी की और से चुनाव लड़ा था और इस चुनाव को जीता था। ये आम चुनाव उन्होंने निर्दलीय के रूप में गुना सीट से लड़ा था और इस सीट से ये चुनाव जीत लिया था।

हुए कांग्रेस में शामिल

ज्योतिरादित्य सिंधिया के पिता साल 1980 में कांग्रेस पार्टी में शामिल हुए थे। इस पार्टी की और से इन्होने 1980 में आम चुनाव लड़ा था और इस चुनाव को जीता था। ये चुनाव इन्होंने गुना सीट से ही लड़ा था। वहीं साल 1984 में हुए आम चुनाव में कांग्रेस पार्टी ने माधवराव सिंधिया को गुना की जगह ग्वालियर सीट से खड़ा किया था। इस सीट से इन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के खिलाफ चुनाव लड़ा था और इस चुनाव में इन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को हरा दिया था।

ज्योतिरादित्य सिंधिया के पिता की तरह ही उनकी मां भी राजनीति से जुड़ी हुई थी और उन्होंने भी चुनाव लड़ रखे हैं। वहीं ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भी अपने माता-पिता की तरह राजनीति में कदम रखा और कांग्रेस पार्टी में शामिल हुए। ज्योतिरादित्य सिंधिया के पिता की मौत साल 2001 में एक प्लेन हादसे में हो गई थी। पिता की मौत होने के बाद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कांग्रेस पार्टी को ज्वाइन कर लिया था और अपने पिता की गुना सीट से चुनाव लड़ा। इस चुनाव में इनकी विजय हुई और इस तरह से ज्योतिरादित्य सिंधिया ने राजनीति में अपनी शुरूआत की।

ज्योतिरादित्य की उपलब्धियाँ

2002: गुना निर्वाचन क्षेत्र से 13 वीं लोकसभा के लिए चुना लड़ा था और इसे जीता था
2002: वित्त मामलों की समिति और विदेश मामलों की समिति के सदस्य बनें
2004: 14 वीं लोकसभा के लिए फिर से निर्वाचित।
2004: प्राक्कलन समिति के सदस्य, याचिकाओं पर समिति, रक्षा संबंधी समिति और वित्त संबंधी समिति।
2008: संचार और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के राज्य मंत्री।
2009: 15 वीं लोकसभा के लिए फिर से निर्वाचित।
2009: केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग राज्य मंत्री।
2012: केंद्रीय ऊर्जा राज्य मंत्री।
2013: अभियान समिति के प्रमुख, मध्य प्रदेश।
2014: 2014 में सिंधिया ने गुना सीट से फिर से चुनाव लड़ा और इस लोकसभा चुनाव को जीता था। हालांकि साल 2019 के लोकसभा चुनाव में  सिंधिया को प्रथम बार अपनी सीट से हार मिली। सिंधिया को बीजेपी के नेता कृष्ण पाल सिंह यादव से इस सीट से हरा दिया था।

दिया कांग्रेस से इस्तीफा

हाल ही में ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कांग्रेस पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। ज्योतिरादित्य सिंधिया लंबे समय से कांग्रेस पार्टी से जुड़े हुए थे। लेकिन अब उन्होंने इस पार्टी को छोड़ दिया। ज्योतिरादित्य सिंधिया लंबे समय से कांग्रेस पार्टी से नाराज थे और इसी के कारण उन्होंने इस पार्टी को छोड़ा है।

कांग्रेस पार्टी को छोड़ने के बाद ज्योतिरादित्य सिंधिया बीजेपी पार्टी में शामिल होने जा रहा है। पुरी उम्मीद है कि इस पार्टी में शामिल होने के बाद बीजेपी की और से ज्योतिरादित्य सिंधिया को राज्यसभा की सीट दी जाएगी।

ज्योतिरादित्य सिंधिया की संपत्ति

ज्योतिरादित्य सिंधिया की संपत्ति के बारे में हर कोई जानना चाहता है। दरअसल ज्योतिरादित्य सिंधिया एक राजा परिवार से आते हैं और इनका नाम देश के सबसे अमीर राजनेताओं में शामिल है। ज्योतिरादित्य सिंधिया के पास 40 करोड़ 86 लाख 9 हजार 458 रुपए की चल संपत्ति जो कि उन्हें विरासत में मिली है। इस संपत्ति में 11.71 करोड़ रुपए की ज्वैलरी शामिल है। इतना ही नहीं सिंधिया परिवार के पास 297 करोड़ रुपए की अचल संपत्ति है।

ज्योतिरादित्य सिंधिया की पत्नी

ज्योतिरादित्य सिंधिया ने साल 1994 में राजकुमारी प्रियदर्शिनी राजे से विवाह किया था। इस विवाह से इन्हें एक बेटी और एक बेटा है। प्रियदर्शिनी राजे भी एक राज घराने परिवार से नाता रखती हैं और राजनीति से जुड़ी हुई हैं।

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